Lifestyle

मोटापा – कैसे कम करे ?

मोटापे से लड़ने के लिए पूरी नींद लें।

डाइटिंग काम नहीं आएगी यदि आप ८ घंटे कम से कम अच्छी नींद पूरी नहीं करते।  

यदि आप नियमित प्रतिदिन अपने नींद के वांछित कोटे को पूरा नहीं करते , आप मोटापे की तरफ तेजी से बढ़ते हैं।

रिसर्च से पता चला है कि जो लोग ५ घंटे तक या ९ घंटे से ज्यादा औसतन  रोज सोते है , वे मोटापे का शिकार होते हैं।

वे लोग जो दिनभर ऊनिंदा (sleepy) से रहते है लेकिन जब बिस्तर पर जाते है और ताजगी भरी यानि साउंड नींद नहीं ले पाते, वे सबसे ज्यादा प्रभावित होते है। आप सारी रात करवटें बदलते रहें तो निश्चित ही सुबह भारी सर या फिर खराब मूड के साथ उठेंगें। नतीजन या तो आप कड़ी चाय या कॉफ़ी के कई कप पी जाएं और यदि गर्मी का मौसम है तो कई ठंडा कोला पी जाएं मूड ठीक रखने के बहाने। और संभव है दिनभर मूड सही रखने के लिए हर तरह के जंक फूड खाएं।

हालाँकि कभी कभार इस तरह के खान पान से कोई फर्क न पड़े लेकिन जो लंबे समय स रोजाना अनिंद्रा के शिकार है उनपर निश्चित ही विपरीत असर पड़ता है। हाल ही में मनुष्यों के समूह पर किये गए सर्वे से यह पता चला है क़ि वे लोग जो अनिंद्रा के शिकार है वे उच्च कैलोरी के खानपान की तरफ आकर्षित हो जाते हैं। एक अन्य औरतों पर किये सर्वे से पता चला क़ि जो औरतें रोजाना ५ घंटे से कम या ९ घंटे से ज्यादा बनिस्पत उन औरतों के जो रोजाना ७ घंटे अच्छी नींद सोती है , उनका लगभग ५ किलो वजन बढ़ जाता है। जो किशोर वय है और बच्चे है और अनिंद्रा के शिकार है कारण जो भी हो, वे भी मोटापे की तरफ बढ़ जाते हैं।

अनिंद्रा हमारे मष्तिस्क(Brain) को बुरी तरह प्रभावित करती है। यह हमें व्याकुल करती है और हम सही निर्णय नहीं कर पाते जिस कारण हमारी खानपान की पसंद भी विपरीत हो जाती है। हम अपने गलत खानपान की इच्छा का दमन नहीं कर पाते क्योंकि जब हम थके होते हैं, मष्तिष्क की कुंडलिनी फिर जाती है और ध्यान , कुछ अच्छा लगे, की तरफ चला जाता है- बरबस ही जंक फूड की तरफ खिंच जाते है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्युट्रिशन ने एक सर्वे से यह निष्कर्ष निकाला क़ि जब लोग अनिंद्रा(sleepless nights) के आदी हो जाते है तब देर रात्रि के आहार(snacks) बढ़ जाते है और वे उच्च कार्बोहायड्रेट जनक आहार ज्यादा पसंद करते है । शिकागो यूनिवर्सिटी द्वारा अनिंद्रा के शिकार लोगों पर किये सर्वे ने भी पाया क़ि ऐसे लोग ,उन लोगों के बनिस्पत जो रोजाना ८ घंटे की नींद लेते है , दोगुनी वसा वाले स्नैक्स चुनते हैं और खाते है।   नींद की कमी से ही ज्यादा ऊर्जा युक्त और अधिक कार्बोहायड्रेट वाले खानपान की आदत पड़ जाती है जो मोटापा बढ़ाते है। इसके अलावा हार्मोन्स भी अपना योगदान करते है।

जब नींद नहीं होती यानि अनिंद्रा के वश होते है तो हमारा शरीर घ्रेलीन नामक हार्मोन्स ज्यादा बनाता है जिस कारण हमें ज्यादा भूख लगती है । इसके विपरीत लेप्टिन नामक हार्मोन हमारे मष्तिष्क को न खाने का सिग्नल देता है। जब हम नींद नहीं ले पाते , लेप्टिन का स्तर गिरता है और हमारे मष्तिष्क को न खाने का सिग्नल नहीं जाता । जब अच्छी नींद होती है , यह हार्मोन सिग्नल देता रहता है और हम जरुरत से ज्यादा (overeating) नहीं खाते।

अनिंद्रा यानि नींद की कमी से हमारा शरीर और दिमाग दोनों तनाव में रहते है जिस कारण कोर्टिसोल नामक तनाव का हार्मोन का स्त्राव होता है और हमारे शरीर को जागृत अवस्था में ऊर्जा बचाने की आवश्यकता पड़ती है । और हम अनचाहे ही मोटापे की तरफ बढ़ जाते है। रिसर्च से भी पता चला क़ि जब मनुष्य एक निश्चित डाइट पर  है और किसी कारण कुछ एक १४ दिनों में कम सोता है या अनिंद्रा के वश हो जाता है तो जो वजन उस डाइट के कारण कम होना चाहिए उसमे लगभग ५५ प्रतिशत की कमी आ जाती है जबकि उनकी कैलोरी संख्या समान रहती है। उन्हें ज्यादा भूख महसूस होती रही , खाने के बाद अतृप्त रहे और उनकी ऊर्जा कम हुई।

शिकागो यूनिवर्सिटी द्वारा ही किये गए रिसर्च ने यह बताया क़ि सिर्फ ४ दिनों की अनिंद्रा से ही हमारे शरीर की इंसुलिन नामक हार्मोन बनाने की छमता ३० प्रतिशत कम हो जाती है । इंसुलिन वह हार्मोन है जो शुगर को स्टार्च और अन्य खाध पदार्थो को ऊर्जा में परिवर्तित करता है। जब हमारा शरीर इन्सुलिन के अनुकूल होने में असमर्थ होता है , इसे रक्त कोशिकाओं से शुगर को संसाधित  करने में असुविधा होती है और वसा का संग्रहण शुरू हो जाता है।

अच्छी यानि साउंड नींद के टिप्स :

सोने से एक घंटा पहले अपने लैपटॉप, कंप्यूटर, टेबलेट, सेल फ़ोन और टीवी से दूर हो जाएं।

सोने से पहले कार्य संबंधी सभी चिंताओं से मुक्त होना सीखें।

बेडरूम में आनंदमय नींद के लिए प्रवेश करें – नार्मल यौन क्रिया नींद के लिए प्रेरक साबित होगी।

सोने के पहले अपने आराध्य को याद करें, खुली हवा में थोड़ी चहलकदमी कर लेंवे, संभव हो स्नान भी कर सकते है, योग या कुछ पढ़ भी सकते है या फिर हल्का फुल्का म्यूजिक सुने।

रोजाना एक ही समय सोये और सुबह उठें।

सोने के १-२ घंटे पहले हल्का भोजन करें।

सोने के नजदीकी समय में अल्कोहल से परहेज रखे। इससे दिल को चुभन सी महसूस हो सकती है और नींद नहीं भी आ सकती है।

न तो किसी तरह का सोडा, कॉफी या चॉक्लेट या चाय संध्या ५ बजे बाद ले।

बत्तियां बुझा देवे। अँधेरा आपके शरीर से मेलाटोनिन नामक हार्मोन छोड़ता है जो नींद लाता है।

 

 

 

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