CAREER

कैरियर

अपना  भविष्य बनाये – करियर के लिए सुझाव ।

यदि तुम्हें भूगोल विषय पसंद है तो GIS की पढ़ाई एक लाभप्रद करियर साबित होगी।

जब आप किसी कैब के app पर उदाहरणार्थ ओला या उबर पर जाते है तो क्या कभी आपने सोचा है कि ये किस तरह आपको इतने सही स्थान पर पा लेते है ? या फिर स्विग्गी या जोमाटो कैसे जान लेता है कि आपके आस पास कौन सा रेस्त्रां है ? क्या आप जानते है कि किस तरह गूगल मैप आपको अपने गंतव्य को पहुंचा देता है ? इन सभी प्रश्नों का उत्तर है GIOINFORMATICS या बहुप्रचलित GIS !

जो लोग डिग्री कॉलेजेज में भूगोल पढ़ रहे हैं वे अपने पाठ्यक्रम में  GIS भी भले ही छोटे रूप मेँ पाएंगे।

भूगोल अपने आप में एक मजेदार विषय है – इसका विस्तृत मतलब न सिर्फ किसी देश को नक़्शे पर देखना ही नहीं है वरन यह विषय है दुनिया को जानने का और जगह जगह के लोगों को अच्छी तरह से समझने का । सिम्बोइसिस इंस्टिट्यूट ऑफ़ जॉइंफॉर्मेटिक्स (SIG) पुणे छात्रों के लिए अच्छा विकल्प है।

Geoinformatics  और GIS साथ साथ चलते है – भूगोल के छेत्र को GIS और विकसित करता है – धरती को और अच्छी तरीके से समझाता है।

आवश्यक नही कि GIS की मास्टर डिग्री के लिए भूगोल में ही स्नातक किया जाय चूँकि यह एक बहुविषयक तकनीकी कोर्स है , कंप्यूटर साइंस, कॉमर्स, इंजीनियरिंग और भौतिकी के छात्र भी इसे ज्वाइन कर सकते है। साधारणतया समझा जाता है क़ि GIS के लिए प्लस टू में मैथमेटिक्स अनिवार्य है – यह गलत है। ऐसी कोई आवस्यकता या शर्त इस कोर्स के लिए नहीं है।

पाठ्यक्रम बहुत ही विभिन्न और विस्तृत है कभी कभी थकाने वाला भी है परंतु चुनौतीपूर्ण है । इसका उत्तम पार्ट है फील्ड ट्रिप्स, जो GIS टेक्निक्स कैसे समस्याओं का समाधान करती है , का अनुभव कराती है । इस प्रैक्टिकल जानकारी से सम्बंधित थ्योरीज को समझने में बहुत मदद मिलती है और एक तरह से उत्साह का भी संचार करता है। महामारी वैज्ञानिक भी किसी महामारी का पता लगाने के लिए GIS का यूज़ करते है। किसी वीमारी या महामारी का पता लगाने के लिए GIS तो पहले से ही उपयोग में लाया जा रहा है , लेकिन अब यह बीमारी या महामारी की वृद्धि पैटर्न और एरिया जहाँ यह फ़ैल सकती है की भविष्यवाणी करना भी GIS के माध्यम से संभव हो चूका है। इससे न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि सही प्रयास भी होते है। फिर स्मार्ट सिटीज की प्लानिंग भी GIS के आधार पर ही होती है। ओला, उबर या कोई भी जो GPS नेविगेट करता है सभी GIS पर ही आधारित है।

GIS के स्नाकोत्तर कोर्स में इसके दूरगामी उपयोग और विकसित GIS के द्वारा किस तरह बिज़नस कम्युनिकेशन , साक्षात्कार और मानव संसाधन के कार्यों में सहायता मिलती है , बताया और सिखाया जाता है।

अवसरों की कमी नहीं है – चुनौतियाँ भी है , नए आयाम है ।

Institutes that offer GIS courses –

Symbiosis Institute of Geoinformatics, Pune

www.sig.ac.in

Teri University, Delhi

www.teriuniversity.ac.in/msc-geoinformatics

Bharati Vidyapeeth University, Pune

ieer.bharatividyapeeth.edu

Birla Institute of Technology, Mesra, Ranchi

www.bitmesra.ac.in

Mangalore University, Karnataka

mangaloreuniversity.ac.in/geoinformatics

Indian Institute of Remote Sensing , Dehradun

www.iirs.gov.in/msc

 

Savitri hai Phule University, Pune

www.unipune.ac.in/dept/fine_arts/geography

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