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गर्मी की छुट्टियों में घूमने के लिए सबसे शानदार जगह – मनाली एवम लद्दाख

सूरज की गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ रही है। इस चिलचिलाती धूप से बचने के लिए , बच्चों को छुट्टियों में घुमाने और नवविवाहित जोड़ों के लिए भी किसी पहाड़ी और ठंडी जगह को जाने का बरबस ध्यान आता है। हम इस मामले में खुशनसीब हैं कि हमारे देश भारत में पहाड़, जंगल से लेकर समुद्री जगह सब कुछ है।

अब अगर गर्मियों की छुट्टी में हम एक ब्रेक लेना चाहते है, कहीं घूमने जाना चाहते हैं तो ठंडी ठंडी जगहों के कई विकल्प हैं।

मनाली हिमाचल का बहुत ही हरा भरा और पहाड़ों से घिरा हुआ इलाका है । यहाँ की साफ हवा सारी थकान को दूर करती है। यहाँ पर हम पैराग्लाइडिंग, बाइकिंग, राफ्टिंग का आनंद उठा सकते है। अगर पूर्व में कभी न आये हों तो यहाँ का एक चक्कर लगाना तो बनता है। कुल्लू घाटी और मनाली की हरी भरी घाटियां, हिमाच्छादित पर्वत शिखर, कल-कल बहती नदियां और विभिन्न झीलों को देखना किसी सम्मोहन से कम नहीं है। यहाँ एक तरफ नगर के बीचों-बीच निकलती व्यास नदी पर्यटकों को लुभाती है , वहीँ दूसरी तरफ हरे घास के मैदान, सेब के बागान और साथ में लोकगीत के सुर मनाली को अत्यंत ही मोहक बनाते है। रोहतांग दर्रा जो मई के ही महीने में खुलता है सैलानियों का पसंदीदा स्थल है। सोलंग घाटी है जो मनाली से १३ क़ि मी उत्तर पश्चिम में है। जब यहाँ बर्फ पड़ती है तो वहीं ठहर जाने को जी करता है। रहला झरनें से होने वाला वाटरफाल रोमांच भर देता है । इनके अलावा अर्जुन गुफा, नाग्गर किला , हिडिम्बा देवी मंदिर आदि दर्शनीय है। मणिकर्ण कुल्लू से ४५ किमी दूर मनाली जाने वाले रास्ते में पड़ता है – यहाँ के गर्म स्त्रोतों के बारे में मान्यता है कि इसमें स्नान करने से त्वचा संबंधी बीमारियां दूर होती है।
सड़क मार्ग से मनाली दिल्ली से ५५० किमी है और हवाई मार्ग से नजदीकी हवाई अड्डा भुंतर है जहाँ से कुल्लू १० किमी और मनाली ५० किमी है।

लद्दाख (Ladakh) भारत का एक ऐसा प्रदेश है जो भारत के सुदूर उत्तर में हिमालय की घाटियों में बसा हुआ है | अपनी प्राकृतिक और बर्फीली वादियों के कारण यह पर्वतारोहियों और रोमांच प्रेमी व्यक्तियों के लिए एक बढिया जगह है ।

  1. लद्दाख (Ladakh) भारत का सबसे उचाई पर बसा हुआ शहर है जो सुरु और जन्स्कार घाटी से मिलकर बना हुआ है |

  2. लद्दाख (Ladakh) में स्थित बैली ब्रिज विश्व में सबसे अधिक उंचाई पर स्थित पुल है जो समुद्रतल से 5602 मीटर की उंचाई पर स्थित है | इस पुल को 1982 में भारतीय सेना ने बनाया था |

  3. लद्दाख भारत का एकमात्र ऐसा स्थान है जहा आपको दो कूबड़ वाले ऊँट देखने को मिल जायेंगे जो आपको भारत में ओर कही देखने को नही मिलेंगे | ये मूलतः ऑस्ट्रलिया में अधिक संख्या में है जबकि ये लद्दाख की नुरबा घाटी का मुख्य आकर्षण है |

  4. लद्दाख में ही ना केवल भारत बल्कि विश्व के रहस्यमयी स्थानों में मशहूर मैग्नेटिक हिल है जहा गाड़िया अपने आप घाटी से ढलान पर भी उपर सरकती है | यह जगह लेह-कारगिल श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेह से 30 किमी की दूरी पर समुद्रतल से 11,000 फीट की उंचाई पर स्थित है |

  5. लद्दाख (Ladakh) कश्मीर प्रदेश का सबसे अधिक उंचाई वाला इलाका है जो 3000 मीटर उंचाई पर फैला हुआ है|

  6. लद्दाख की पंगोग झील विश्व में सबसे अधिक उंचाई पर स्थित खारे पानी की झील है | यह 4350 मीटर की उंचाई पर स्थित है | सर्दियों में ये झील खारा पानी होने के बावजूद जम जाती है | आपने इस झील के दृश्य आमिर खान की मशहूर फिल्म 3 इडियट्स के आखिर में देखे होंगे |

  7. लद्दाख में आधे से ज्यादा शिया मुस्लिम रहते है जबकि बाकि बची आबादी में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग निवास करते है |

  8. ज़ंस्कार नदी लद्दाख की मुख्य नदी है जो सर्दियों में जम जाती है और इसकी वजह से पुरी जमी हुयी नदी चादर ट्रेक के नाम से जानी जाती है जिस पर से लोग गुजरते है |

  9. लद्दाख उन स्थानों में से एक है जहा हीट स्ट्रोक और फ्रॉस्ट बाईट दोनों आपको एक साथ हो सकते है क्योंकि लद्दाख (Ladakh) में गर्मियों में तापमान 3 से 35 डिग्री तक रहता है जबकि सर्दियों में तापमान शून्य से 20 या 25 डिग्री तक पहुच जाता है |

  10. अधिक उंचाई पर होने के कारण हिमालय के रेन शैडो मानसून को लद्दाख में आने से रोकते है और मुश्किल से बारिश हो पाती है इसलिए इसे बर्फीला रेगिस्तान कहते है जहा पानी का मुख्य स्त्रोत बर्फबारी से जमा किया हुआ जल है |

  11. दुनिया भर के 7000 हिम तेन्दुओ में से 200 हिम तेन्दुओ का घर लद्दाख है इसकी वजह से वाइल्ड फोटोग्राफर अक्सर यहा हिम तेन्दुओ का चित्रण करने के लिए यहा आते है |

  12. लद्दाख का मुख्य खेल आइस हॉकी है जो यहा पर प्राकृतिक बर्फ पर खेली जाती है जो दिसम्बर से फरवरी के बीच में बर्फबारी के दौरान जमा होती है |

  13. लद्दाख जाने के दो मुख्य मार्ग है जिसमे एक श्रीनगर मार्ग जो पारम्परिक मार्ग है और वर्षो से लद्दाख जाने का यही मार्ग रहा है | दूसरा मनाली-लेह राजमार्ग है जो ऊँचाई पर बना एक नया मार्ग है | इस मार्ग पर केवल मई से सितम्बर के बीच जाया जा सकता है बाकि समय में ये मार्ग बर्फ से ढका रहता है लेकिन इस मार्ग से कम समय में लद्दाख पहुचा जा सकता है |

  14. लद्दाख में एकमात्र एअरपोर्ट लेह में स्तिथ है जहा से दिल्ली के लिए प्रतिदिन एक उडान और श्रीनगर-जम्मू के लिए साप्ताहिक उडान भरी जाती है |

  15. लद्दाख की आय का मुख्य स्त्रोत पर्यटन है क्योंकि यहा हर साल लगभग 1 लाख पर्यटक घुमने आते है | इन्ही पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान रखते हुए यहा के निवासी अपना व्यापार करते है |

 

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