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सिगरेट कैसे छोड़ा जाए ?

सिगरेट में निकोटिन होता है जो लगातार सेवन से मस्तिष्क की जरुरत बन जाता है, जिसके बिना बैचेनी, घबराहट होती है, दृढ़ता पूर्वक सिगरेट छोड़ने का प्रयास किया जा सकता है परन्तु निकोटिन और इंसानी दिमाग की इस लड़ाई में अक्सर निकोटिन ही जीतती है, कहा जा सकता है की निकोटिन को छोड़ना इतना आसन नहीं है, अगर ऐसा होता तो हर व्यक्ति आज इस बुरी आदत से मुक्त होता |लेकिन ऐसा नहीं है की सिगरेट नहीं छोड़ी जा सकती है, और इसके लिए आवश्यक है मन को नियंत्रित करना। 

अब थोड़ा हल्के फुल्के अंदाज में इस लत को छोड़ने के संदर्भ में जिक्र करें तो शायद बात समझ में आये।  

“जैसे सिगरेट पकड़े थे वैसे”

कहने का मतलब है जिन वजहों से सिगरेट पीनी शुरू की थी उन वजहों को छोड़ दो छूट जाएगी। जैसे डिप्रेशन में पीनी शुरू की थी तो डिप्रेशन छोड़ दो। गलत संगति में पीनी शुरू की थी तो गलत संगति छोड़ दो। और भी जो कारण थे उन सबको छोड़ दो।क्योंकि किसी भी दवाई या काउंसिलिंग से ज्यादा अपनी इच्छा शक्ति बलवान है। किसी के कहने से कोई नहीं छोड़ता।

एक अन्य स्थिति बनती है जब व्यक्ति सिगरेट छोड़ता है जब डॉक्टर बोल दे सिर्फ एक साल बचा है या फिर वो अड़ जाय कि अब हरगिज नहीं पिऊंगा और लोगों को भी बोलेगा कि मैंने तो छोड़ दी है।वैसे तो कहते हैं कि एक आदमी अपनी ऊँगली भी ऊपर से थोड़ी थोड़ी कटवाने के लिए तैयार हो जाता है बस  उसे एक सिगरेट मिल जाय ।छूट जाने का अर्थ है दुबारा कभी इच्छा ही नहीं ।

जब आपकी सिगरेट पीने की इच्छा हो तब आप जूते पहनें और दौड़ें। यहां तक कि हल्की फुल्की कसरत भी सहायक हो सकती है जैसे अपने कुत्ते को घुमाना और या बगीचे की घास पात साफ करना।

आप अपने दोस्त के साथ शर्त लगा कर एक-दूसरे को चैलेंज कर सकते हैं। इससे धूम्रपान छोड़ने में आसानी होगी।

पेय पदार्थ, कोला, चाय और कॉफी सिगरेट के स्वाद को अच्छा बनाते हैं। इसलिए कोशिश करें केवल जूस और पानी पिएं। एेसा परिवर्तन करके आप सिगरेट की आदत को कम कर सकते हैं। .धू्म्रपान के सबसे बड़ा कारण है तनाव इसलिए अपने तनाव पर नियंत्रण रखें।

जब धूम्रपान करने से पहले दूध, सेलेरी, गाजर खाया जाता है तो उसका स्वाद कड़वा लगता है तथा यह मुंह में अजीब सा स्वाद छोड़ता है जिसके कारण धूम्रपान करने वाला व्यक्ति सिगरेट को बीच में ही बुझा देता है।

संतरा, नीबू, आवंला और अमरुद खाएं। इनकी अधिक मात्रा लेने से सिगरेट पीने की इच्छा कम हो जाती है।  निकोटिन की आदत छोड़ने के लिए यह सबसे आसान घरेलू उपचार है।

च्युइंग गम आपके मुंह को व्यस्त रखते हैं तथा सिगरेट पीने की इच्छा को कम करते हैं। इसलिए जितना हो सके च्युइंग चबएं।

अगर आप अपने दांतों को एक दम चमका कर रखेंगे तो आप धूम्रपान छोड़ने के प्रति और भी ज्‍यादा उत्‍सुक हो जाएंगे।

जरूरत है गंभीरता से अपने आप से अभी यह प्रण कर ले कि इसे छोड़ना है तो आज ही अमल करे अवश्य छूट जायेगी। और मन को नियंत्रित करने का सबसे आसन उपाय है योग, यदि आप सही गुरु के मार्गदर्शन में सही योग अभ्यास करेंगे तो आपका मन एकाग्र होगा और आपको सिगरेट छोड़ने में आसानी होगी।योग में विभिन्न आसन प्राणायाम और ध्यान के द्वारा मन को वश में किया जाता है, जब मन वश में होता है और सांसे सही अनुपात में ली जाती है तो इन्सान का मस्तिष्क भी शांत होकर स्थिर हो जाता है, और तम्बाखू, शराब और अन्य मादक प्रदर्थो के उपभोग की इच्छा क्षीण हो जाती है, जब मन वश में हो और मस्तिष्क शांत और तनाव मुक्त हो तो यत्न के द्वारा मादक प्रदार्थो के सेवन से मन को दूर करे |

आपको सबसे पहले एक संकल्प लेना होगा की आप १५ दिन बाद इस दिन से सिगरेट  का सेवन नहीं करेंगे, एक बार आप कृत संकल्प हो जाये तो उस दिन को लिख कर रख ले और जहाँ तक संभव हो सके अपनी आदत को कण्ट्रोल में करने का प्रयास करे और सिगरेट पीने  से बचे, अर्थात अगर आप तत्काल इसे नहीं छोड़ पा रहे है, तो भी इनके सेवन की मात्र में कमी लेन का प्रयास करे |

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