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कोटा : स्टूडेंट्स क्या मौत की कोचिंग ले रहे हैं ?

१७ दिसम्बर को कुन्हाड़ी क्षेत्र के लैंडमार्क सिटी में हॉस्टल में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रहे जम्मू कश्मीर के २०  साल के छात्र संजीव कुमार का शव हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटका मिला था।इसके बाद  २२ दिसंबर को १२ वीं की कोचिंग कर रहे छात्र बूंदी जिले के रहने वाले १७  साल के दीपक दाधीच ने आरकेपुरम स्थित कोचिंग संस्थान के खाली पड़े कमरे में फांसी लगा कर मौत को गले लगा ल‍िया था।

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आरकेपुरम पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई करती इससे पहले सोमवार(२४.१२.२०१८)  को भी लैंडमार्क सिटी स्थित हॉस्टल में रहकर एक कोचिंग संस्थान से मेडिकल की तैयारी कर रही उत्तरप्रदेश में कुशीनगर ज‍िले की रहने वाली १८ साल की छात्रा दिशा सिंह ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगा कर जान दे दी।सूचना मिलने पर कुन्हाड़ी थाने की पुलिस छात्रावास पहुंची।  छात्रा के शव को एमबीबीएस की मोर्चरी में रखवाया गया है। लड़की की बड़ी बहन भी कोटा में तैयारी कर रही है। 

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अगले ही दिन क्रिसमस के दिन मंगलवार (२५.१२.१८ ) को एक १७  साल के स्टूडेंट का शव उसके हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका मिला। जितेश गुप्ता, बिहार का रहने वाला था और IIT-JEE प्रवेश परीक्षा के लिए कोटा में कोचिंग क्लास लेता था। वह ३ साल से क्लास ले रहा था लेकिन सफल नहीं हो पा रहा था। सुबह जितेश के रिश्तेदारों ने उस तक पहुंचने की कोशिश की थी। जब उन्हें इसमें सफलता नहीं म‍िली तो उन्होंने एक दोस्त को फोन किया और ज‍ितेश के बारे में पता करने को कहा। दोस्त ने खिड़की से कमरे के अंदर देखा तो उसने जितेश को छत के पंखे से लटका पाया।  इसके बादतुरंत पुलिस को सूचना दी गई।  शव को महाराव भीम सिंह अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मोर्चरी में रखा गया है। लड़के के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

इस साल जनवरी के बाद से कोटा जिले में १५ से अधिक आत्महत्याएं हुई हैं । 

 

 

 

 

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