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मेरा मन आज ज़्यादा बोलने का है: पीएम मोदी

१२ जनवरी की दोपहर में भारत के प्रधानमंत्री अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं बड़े लीडर्स के साथ गपशप में लगे थे। ये बात सभी को पता है की पीएम मोदी कभी भी किसी बात को सीधी तरीके से नहीं बोलते हैं। ठहाके लेते हुए पीएम मोदी ने कहा , “आज मेरा मन ज़्यादा बोलने का है। “

इस भाषण में पीएम मोदी ने कहा –

कभी दो कमरों से चलने वाली पार्टी, दो सांसदों वाली पार्टी आज इस विशाल स्वरूप में अपना राष्ट्रीय अधिवेश कर रही है जो अपने आप में अद्भुत और अविस्मरणीय है। यह राष्ट्रीय परिषद की पहली बैठक है जो अटलजी के बिना हो रही है। वो आज जहां से भी हमें देख रहे होंगे, उन्हें अपने बच्चों की इस ऊर्जा औ राष्ट्र के प्रति समर्पण को देखकर संतोष हो रहा होगा।

अपने इन बातों से मोदी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी जी को श्रद्धांजलि दी। उन्हें गर्व था की आज भाजपा २ कमरों और २ सांसदों बढ़कर इतने बड़े मैदान तक पहुँच गयी है। इसी बीच उन्हें अटल जी के ना होने की कमी भी महसूस हुई और इसके लिए उन्होंने दुःख जताया।

भाजपा की एक पुरानी आदत है , अपने हर मीटिंग भाजपा के नेता अयोध्या काण्ड का जिक्र ज़रूर करेंगे। पीएम मोदी ने भी कुछ ऐसा ही किया।  अयोध्या काण्ड के बारे में मोदी जी ने कहा –

अयोध्या विषय में कांग्रेस अपने वकीलों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नहीं चाहती की अयोध्या विषय का हल आए। कांग्रेस का ये रवैया किसी को भूलना नहीं चाहिए।”

इतना कहकर भी मोदी जी शांत नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने गाँधी परिवार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस अध्यक्ष और उसके नेताओं को निशाना बनाते हुए मोदी जी ने कहा –

कांग्रेस और उसका नामदार परिवार सिस्टम को कैसे तोड़ता है उसका ये उदाहरण है कि नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष व अन्य नेता जमानत पर बाहर हैं। इस केस से पता चलता है कि कांग्रेस के नेता जनता का जमीन व धन भी हड़प लेते हैं। आज उन्हें सीबीआई स्वीकार नहीं है, कल कोई दूसरी संस्था स्वीकार नहीं होगी। आर्मी, पुलिस, सुप्रीम कोर्ट, इलेक्शन कमीशन, सीएजी, सब गलत हैं, लेकिन एकमात्र वही सही हैं। क्या हम राष्ट्र को उनके भरोसे छोड़ सकते हैं? जमानत पर बाहर घूमने वाले इन नेताओं को न कानून पर विश्वास है, न सत्य पर भरोसा है, और न ही इनको संस्थानों पर विश्वास है। इनको राजशाही पर भरोसा है, लेकिन हम लोकशाही को मनाने वाले लोग हैं।”

इसी बीच मोदी जी ने अपने शानदार ५ वर्षों के राज की तारीफ़ करते हुए कहा –

“भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश बदल सकता है और सामान्य नागरिक के हित में बदल सकता है। सरकार बगैर भ्रष्टाचार के भी चलाई जा सकती है। सत्ता के गलियारों में टलहने वाले दलालों को भी बाहर किया जा सकता है। क्या आप ऐसे सेवक को पसंद करेंगे जो आपके घर का पैसा चोरी करके अपने परिवार में बांटे? क्या आप चाहते हैं कि वो पड़ोसियों को आपके घर के अंदर की बात बताए? जैसे आप अपने घर का सेवक तय करते हैं वैसे ही तय कीजिए की देश को कैसा प्रधानसेवक चाहिए। संगठन के संस्कार से अगर हम तपे नहीं होते तो दूसरों की मीठी मीठी बातों से हम फिसल चुके होते। पार्टी परंपराओं को अपने जीवन में ढालकर, अनुशासन और लाखों कार्यकर्ताओं के तप व त्याग से आज हम यहां पहुंचे हैं। हमारे लिए जन सेवा ही प्रभु सेवा है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। समता, ममता, समरसता, हमारे लिए सामाजिक न्याय की सीढ़ियां हैं। विकास, चौतरफा विकास, सबका साथ-सबका विकास ही हमारा लक्ष्य है।”

इसके साथ ही मोदी जी ने पूरे भाषण में कई बार राहुल गाँधी , सोनिया गाँधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। मोदी जी कहते हैं की सभी विपक्ष एक साथ मिलकर जनता की बनायीं हुई सरकार को गिराना चाहते हैं। ये लोग नहीं चाहतें है की देश का विकास हो और अपनी दूकान को चालु रखना चाहते हैं। मोदी जी का कहना है की विपक्ष बार बार उन्हें गलत फैसलों को लेने के लिए मजबूर करता है।

वैसे तो मोदी जी ने कितना अच्छा काम किया इसका फैसला जनता बहुत जल्द कर देगी। किसकी दूकान बंद होगी और किसकी चलेगी इसका फैसला २०१९ के लोकसभा चुनाव के बाद ज़रूर हो जाएगा।

AUTHOR : RISHAV RAI

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