सनसनीखेज

प्रेस रिव्यु : क्या रफ़ाल डील के लिए एंटी करप्शन प्रावधान हटाए ?

हिंदू अख़बार ने पहले पन्ने पर एक बार रफ़ाल डील पर मोदी सरकार की कथित अनियमतिताओं पर सीनियर पत्रकार एन राम की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट छापी है।इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार ने रफ़ाल डील करने के लिए कई प्रावधानों को ताक पर रख दिया।अख़बार के मुताबिक इस डील के लिए सरकार ने भ्रष्टाचार होने की सूरत में पेनाल्टी लगाने के प्रावधान को लागू नहीं किया गया, जो अमूमन होता नहीं है।इसके अलावा ऐसे एग्रीमेंट में रिस्क को कम करने के लिए एसक्रो एकाउंट (ऐसा एकाउंट जिसमें ख़रीदार सामान मिलने के बाद थर्ड पार्टी के ज़रिए भुगतान रिलीज करता है) के ज़रिए भुगतान का विचार भी छोड़ दिया गया। एसक्रो एकाउंट का विकल्प फ़ाइनेंशियल एडवाइजरों ने तब दिया था जब पीएमओ ने बैंक गारंटी के प्रावधान को भी माफ़ कर दिया था। 

एन राम वही पत्रकार है जिन्होंने बोफोर्स मामले में भी साल १९८९ में खुलासों की एक सीरीज छपवाई थी और अंत में माना था कि ‘द हिंदू’ ने सरकारी दवाब में आकर आगे छापने से मना कर दिया था। तब एन राम कांग्रेस के लिए विलेन थे और आज वही कांग्रेस के हीरो है , यही तो अवसरवादिता है। तो एन राम का यही चरित्र है , अब उनका कितना विश्वास किया जाय जबकि प्रथम दष्टया  उनका यह खुलासा पिक एंड चूज़ और अधूरा ही नजर आता है।        

REFERENCE :

Government waived anti-corruption clauses in Rafale deal

The next day the capital witnessed an unusual press conference. In front of some 250 journalists, Ram openly accused his editor-uncle Gopalan Kasturi of buckling under pressure and killing a story which showed that the Government had colluded with the Swedes in a massive cover-up of the Bofors payoffs.

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