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सुप्रीम कोर्ट : “NO” टू लाउडस्पीकर; पढाई ज्यादा जरूरी है !

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की रैलियों में लाउडस्पीकर और माइक बजाने की इजाज़त संबंधी बीजेपी की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा, “बच्चों की पढ़ाई चुनाव प्रचार से ज़्यादा महत्वपूर्ण है।” दरअसल, राज्य सरकार ने बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान माइक व लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

ध्यान देने वाली बात है कि ममता सरकार ने २०१३ में फरवरी और मार्च के दौरान (चूँकि परीक्षाएं रहती हैं ) लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी और इसी नियम के हवाले से बीजेपी को आजकल  के चुनावी  महीनों  में अपनी सभाओं और अन्य प्रचार-प्रसार के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है। इसीलिए बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई और बताया कि तृणमूल कांग्रेस उन्हें कहीं भी इस बिना पर सभा के लिए  इजाजत ने देकर उनकी संवैधानिक स्वतंत्रता का हनन कर रही है।  

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया ,  “बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा चुनावी प्रचार से ज्यादा जरूरी है।”    

REFERENCE

‘Studies get priority over poll campaign’: Supreme Court upholds Bengal loudspeaker ban

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