सनसनीखेज

The secret treasure : कब्र से निकले ४३३ करोड़ !

काले धन के लिए छापामारी के लिए चेन्नई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कब्रिस्तान में रेड मारी।फिर जब एक कब्र खोदी गयी तो उसमें से निकला ४३३ करोड़ रूपये का खजाना।

२८  जनवरी २०१९  का दिन। आयकर विभाग को ख़बर मिलती है कि तमिलनाडु के मशहूर सर्वणा स्टोर, लोटस ग्रुप और ज़ी स्कॉवयर के मालिकों ने हाल ही में कैश के जरिए चेन्नई में १८० करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी है और वो इस डील को छुपाकर टैक्स की हेराफेरी कर रहे हैं। ये खबर इतनी पक्की थी कि आयकर विभाग ने इन कंपनियों के चेन्नई और कोयंबटूर में ७२  ठिकानों पर छापा मारने के लिए कई टीमें तैयार कीं।  और सुबह से ही आयकर विभाग की टीम इन कंपनियों के ठिकानों पर छापे मारने लगीं। मगर इनकम टैक्स के अधिकारियों के हाथ कुछ भी नहीं लगा। ना रुपये. ना ज़ेवर. ना पेपर। 

इनकम टैक्स अधिकारी अपनी इस नाकामी पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे क्योंकि खबर पुख्ता थी। उन्होंने अपनी छानबीन और सख्त की , मुखबिरों को पुनः एक्टिव किया गया , शहरों के तकरीबन १०० cctv खंगाले गए , कॉल डिटेल्स चेक की गयीं तब जाकर पता चला कि एक एसयूवी गाड़ी उस रोज़ यानी २८ जनवरी को पूरे दिन सड़कों पर बेवजह इधर-उधर घूम रही थी,  जिसकी फुटेज देखकर डिपार्टमेंट को शक हुआ। सीसीटीवी की तलाश की गई मगर उसमें काफी वक्त लगा हालांकि अगले ही दिन पुलिस ने उस एसयूवी और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। और यह सब अंजाम देते देते ६ फ़रवरी रात हो गयी जब कड़ी पूछताछ के पश्चात् ड्राइवर ने सारा कुछ उगल दिया। 

७  फरवरी २०१९ , सुबह का वक़्त, चेन्नई।आयकर विभाग की टीम सुबह सुबह चेन्नई के एक कब्रिस्तान में दाखिल हुई साथ में ड्राइवर भी था।  हर तरफ सन्नाटा. जैसा कि कब्रिस्तान में होता है।सैकड़ों कब्रों के बीच उस ड्राइवर ने एक कब्र की तरफ इशारा किया। उसके इशारा करते ही पूरा डिपार्टमेंट उस कब्र की तरफ दौड़ पड़ा। फावड़ा, कुदाल और बेलचा लेकर कर्मचारी जुट गए।  आनन फानन में कब्र को खोदा गया।  फिर जब कब्र की मिट्टी हटी और जो तस्वीर दिखी, उसने वहां खड़े आयकर के तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों के होश उड़ा दिए।मुर्दा नहीं खज़ाना दफ्न था।  पूरे ४३३ करोड़ का खज़ाना, इसमें करीब २५ करोड़ रुपये नकद, १२ किलो सोना और ६२६ कैरेट हीरे थे।

ये वो खज़ाना था जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट २८ जनवरी को चेन्नई और कोयंबटूर में ७२ जगहों पर छापे मारकर खोजना चाह रहा था। मगर इस धांधली में शामिल तीनों बड़ीं कंपनियों सर्वणा स्टोर, लोटस ग्रुप और ज़ी स्कॉवयर के मालिकों ने इसे पहले ही पार कर दिया था। पैसों की हेराफेरी के अलावा आईटी एक्सपर्ट्स की मदद लेकर इन लोगों ने कंप्यूटर से रिकॉर्ड भी हटा दिया और पैसों को एक एसयूवी गाड़ी में छुपाकर शहर में पूरे दिन घुमाने के बाद जब छुपाने की कोई जगह नहीं मिली तो उसे एक नज़दीकी कब्रिस्तान में एक कब्र में ऐसे छुपा दिया, जैसे वहां मरने के बाद मुर्दे को रखा जाता है ताकि उनकी इस चोरी भनक भी किसी को न लगे।

इस तरह २८ जनवरी को शुरू हुआ ऑपरेशन ९ दिन बाद जाकर खत्म हुआ। इस ऑपरेशन के खत्म होने के बाद आयकर अधिकारी फिलहाल कंप्यूटर से डिलीट किए गए डेटा को वापस लेने के लिए आईटी प्रोफेशनल की मदद ले रहे हैं। 

 

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