DAILY TRENDING NEWS

तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामला सलटायेगी !

पैनल के मुखिया होंगे सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश एफएम कलीफुल्ला और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू और आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर इसके सदस्य होंगे।इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक हफ्ते के अंदर मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। वहीं, पैनल के लिए कोर्ट ने कहा है कि उसे चार हफ्तों में अपनी शुरुआती रिपोर्ट देनी होगी और आठ हफ्तों में अपनी पूरी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपनी होगी। पीटीआई के मुताबिक शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि अयोध्या मामले में मध्यस्थता की कार्यवाही बंद कमरे में की जाए। उसने यह भी कहा है कि मध्यस्थता की मीडिया रिपोर्टिंग नहीं होगी और इसकी प्रक्रिया फैजाबाद में चलेगी। 

यानी इससे साफ है कि अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या मसले पर किसी तरह का फैसला आने की उम्मीद नहीं है।जब ये फ़ैसला सुनाया जा रहा था तो वकील, मुवक्किल और सभी पक्षों समेत तक़रीबन १०० वकील अदालत में मौजूद थे। 

जस्टिस एफ. एम. कलीफुल्ला

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए गठित पैनल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एफ. एम. कलीफुल्ला को दी है। तमिलनाडु के रहने वाले जस्टिस कलीफुल्ला का पूरा नाम फाकिर मुहम्मद इब्राहिम कलीफुल्ला है। अपने लंबे न्यायिक सफर में उन्होंने एक वकील से लेकर हाई कोर्ट के जज, हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के जज तक का रास्ता तय किया। २० अगस्त १९७५ को वकालत की शुरुआत करने वाले कलीफुल्ला २००० में मद्रास हाई कोर्ट में परमानेंट जज नियुक्त हुए। फरवरी २०११ में वह जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के जज बने और दो हफ्ते बाद ही ऐक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त हुए। सितंबर २०१२ में वह जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त हुए। उसके बाद, २ अप्रैल २०१२ को वह सुप्रीम कोर्ट के जज बने और २२ जुलाई २०१६ को रिटायर हुए।

श्रीश्री रविशंकर

मध्यस्थता समिति में जाने-माने धर्म गुरु श्रीश्री रविशंकर भी शामिल हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर इससे पहले भी व्यक्तिगत स्तर पर अयोध्या मामले को सुलझाने की पहल कर चुके हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिली। 

श्रीराम पांचू

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मसले पर गठित मध्यस्थता समिति में श्रीराम पांचू भी शामिल हैं। ४० सालों से वकालत कर रहे वरिष्ठ वकील पांचू पिछले २०  सालों से सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। वह मिडिएशन चैंबर्स के संस्थापक हैं। उन्होंने देश के तमाम हिस्सों में व्यावसायिक, कॉरपोरेट और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े और जटिल विवादों में मध्यस्थता कर चुके हैं। 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *