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फैक्ट्स चेक :राहुल गाँधी अजीत डोभाल को कंधार हाइजैक के समय मसूद अजहर को छोड़ने का दोषी बता रहे है ?

PM Modi please tell the families of our 40 CRPF Shaheeds, who released their murderer, Masood Azhar? Also tell them that your current NSA was the deal maker, who went to Kandahar to hand the murderer back to Pakistan.

राहुल गांधी बेचैन हो गए हैं और इस उम्मीद में अंधेरे बहुत सारे तीर चला रहे हैं की कोई एक तीर निशाने पर लग जाए ।अजीत डोभाल से बहुत सारे विपक्षी नेता जैसे ममता बनर्जी, चंद्रबाबु नायडू, लालू यादव के बेटे इत्यादि भी खार खाये बैठे हैं।

भारत के इतिहास में बहुत कम आईपीएस ऑफ़िसर हुए हैं जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा में इतना काम किया हैं । अजीत डोभालको भारत का जेम्स बॉंड भी बोला जाता हैं ।

जब कंधार में तालिबान और विमान अपहरणकरताओ से बातचीत के लिए टीम भेजी गयी तो सरकार ने अपने बेहतरीन अफ़सर भेजे थे और अजीत डोभाल उस टीम के सदस्य थे । उस टीम को बातचीत के अलवा शायद यह भी देखना होगा की सैन्य कार्यवाही संभव हैं या नहीं । पहले ३० आतंकवादियों की माँग और कुछ पैसों की माँग थी जिसे कम करा कर ३ आंकवादियो को छोड़ने पर लाया गया । पूर्व रॉ चीफ़ A स दौलत अपनी किताब में लिखते हैं की अजीत डोभाल कंधार से बार बार यह बोल रहे थे की सरकार जल्दी फ़ैसला ले । वहाँ तालिबान ने टैंको और बंदरबख़्त वहनो से इंडियन एयरलाइन्स के विमान को घेर लिया था और पर्दे के पीछे आईएसआई सारा कुछ कंट्रोल कर रही थी । अजीत डोभाल कंधार में थे और उन्होंने परिस्थिति को अच्छी तरह देखा होगा और तभी उन्होंने सरकार को बोला होगा कि भारत के पास आतंकियों को छोड़ने के अलवा कोई और चारा नहीं हैं (अगर भारत को लगभग २०० यात्रियों की जान बचानी हो तो) ।

राहुल गांधी चाहते हैं की किसी तरह पुलवामा हमले के लिए भाजपा और सरकार में काम कर रहे लोगों को ज़िम्मेदार बनाया जाए । इसलिए वो इतने क़ाबिल अफ़सर पर ऊँगली उठा रहे हैं । राहुल गांधी तो गांधी परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं और उनको क्या पता की पाकिस्तान में कैसे कोई ७ साल भेष बदल कर रह सकता हैं (वो भी यूपीएससी सिवल सर्विसेज़ की परीक्षा पास करने के बाद) और कोई उल्फ़ा में घुस सकता हैं । राजनेताओं को केवल राजनेताओं पर हमला करना चाहिए और ऐसे बहादुर और क़ाबिल अफ़सर पर सवाल उठाने से बचना चाहिए ।

अजीत डोभाल तो कंधार में अपना काम कर रहे थे और असली निर्णय तो वाजपेयी सरकार का था और वाजपेयी ने पूरे विपक्ष को ये बताया था की भारत ३ आतंकियों को २०० यात्रियों के बदले छोड़  रहा हैं।अगर अजीत डोभाल की क़ाबिलियत जाननी हैं तो पाकिस्तान के न्यूज़ चैनल देखें और आपको पता चलेगा कि अजीत डोभाल क्या चीज़ हैं ।

आज पूरा विपक्ष हताशा में है और मसूद की रिहाई के लिए बीजेपी को दोषी ठहरा रहा है , जबकि यही विपक्ष उस समय वाजपेयी सरकार पर २०० यात्रियों की सेफ्टी और वापसी के लिए दवाब बना रहा था और यहां तक कह रहा था कि एक भी यात्री की जान नहीं जानी चाहिए भले ही कश्मीर दे दो ….. और न जाने क्या क्या …… यही कांग्रेसी अपहृत यात्रियों के परिवारजनों के साथ जुलुस लेकर वाजपेयी के आवास पर गए थे और मांग कर रहे थे सबों को वापस लाओ कीमत कोई भी दो ! और फिर राहुल की माताश्री सोनिया स्वयं कंधार को लेकर हुई मीटिंग का हिस्सा थीं ….. कम से कम मां से पूछ तो लिया होता !  

जिस दिन राहुल ने यह ट्वीट किया , उसी दिन से लेकर आगामी ३ दिनों तक लगभग ६०-७० लोगों से (विभिन्न तबके से – ऊबर ड्राइवर्स, सहयात्री, सिक्योरिटी गार्ड्स भी शामिल है ) हैलो ने जानना चाहा तो सबों ने राहुल की एक स्वर में निंदा की और उनके इस बयान को शर्मनाक बताया।फिर कल ही सोमवार को दिल्ली में हुई पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में राहुल गांधी ने कहा, “पुलवामा में बस में किसने बम फोड़ा? जैश-ए-मोहम्मद, मसूद अज़हर। आपको याद होगा कि ५६ इंच की छाती वालों की जब पिछली सरकार थी तो एयरक्राफ़्ट में मसूद अज़हर जी के साथ बैठकर जो आज नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र हैं- अजित डोभाल, वो मसूद अज़हर को जाकर कंधार में हवाले करके आ गए।” परन्तु राहुल गांधी का ये दावा कि ‘अजित डोभाल मसूद अज़हर के साथ एयरक्राफ़्ट में बैठकर दिल्ली से कंधार गए थे’, सही नहीं है। अजित डोभाल पहले से कंधार में मौजूद थे और यात्रियों को छुड़वाने के लिए तालिबान से चल रही बातचीत की प्रक्रिया में शामिल थे। और अफ़्सोस तब होता है जब राहुल , जिनकी दादी और पिता आतंकी हमले के शिकार हुए , दलगत राजनीति के कारण बीजेपी को घेरते हुए एक आतंकवादी के लिए सम्मान सूचक शब्द  इस्तेमाल कर बैठते हैं और आग में घी सुरजेवाला यह कहकर डालते हैं कि ऐसा उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था – क्या आम जनता हिंदुस्तान की निरी बेवकूफ है कि वह व्यंग्य और तथ्य में फर्क नहीं समझती ? अच्छा तो होता राहुल तुरंत अपनी जुबान फिसलने की गलती का सुधार करते ! 

 

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